भारत में हर कुछ महीनों में अलग-अलग राज्यों में लोक अदालत आयोजित की जाती है, जहाँ नागरिक अपने विभिन्न कानूनी विवादों को तेज़ी से और मिल–बैठकर सुलझा सकते हैं। इनमें से सबसे लोकप्रिय सुविधा है—ट्रैफिक चालानों का निपटान भारी छूट और लेट फीस माफी के साथ।
दिसंबर में आयोजित होने वाली अगली प्रमुख लोक अदालत 13–14 दिसंबर को निर्धारित है। देशभर के लाखों वाहन धारक व ड्राइवर इस मौके का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपने पुराने लंबित चालान, ई-चालान, या कोर्ट केस में गए चालान कम जुर्माने में निपटा सकें।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि लोक अदालत में ट्रैफिक चालान कैसे निपटाए जाते हैं, क्या प्रक्रिया है, कितना डिस्काउंट मिलता है, किन डॉक्यूमेंट्स की आवश्यकता होती है और 13–14 दिसंबर की तारीख क्यों महत्वपूर्ण है।
लोक अदालत क्या है?
लोक अदालत (People’s Court) भारतीय कानूनी व्यवस्था का एक भाग है, जो Legal Services Authorities Act, 1987 के तहत कार्य करती है। इसका उद्देश्य है—विवादों का त्वरित, सस्ते और समझौते के आधार पर समाधान।
ट्रैफिक चालानों के संदर्भ में लोक अदालत का लाभ:
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ट्रैफिक चालान पर भारी छूट
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पुराने चालानों की लेट फीस माफी
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कोर्ट में लंबित मामलों का एक दिन में निपटान
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लाइसेंस सस्पेंशन/वॉरंट जैसी परेशानियों से मुक्ति
लोक अदालत का फैसला एक कोर्ट डिक्री के बराबर होता है और अंतिम माना जाता है।
13–14 दिसंबर की लोक अदालत क्यों खास है?
दिसंबर की यह लोक अदालत आमतौर पर साल की सबसे बड़ी सेटलमेंट ड्राइव होती है। इस समय कई राज्य और जिला अदालतें एक साथ मिलकर ट्रैफिक चालान निपटान कैंप आयोजित करती हैं।
इस तारीख के महत्वपूर्ण होने के कारण:
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साल खत्म होने से पहले अधिकतम चालान निपटाने का लक्ष्य
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अदालतों का बैकलॉग कम करना
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नागरिकों को राहत देना
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नए वर्ष से पहले बड़े ट्रैफिक नियम पालन अभियान की तैयारी
इसी वजह से लगभग सभी राज्यों में भीड़ अधिक रहती है और सेटलमेंट मिलने की संभावना भी अधिक होती है।
कौन लोक अदालत में अपने चालान निपटा सकता है?
13–14 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत में निम्न लोग अपने ट्रैफिक चालान निपटा सकते हैं:
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जिनके पास ई-चालान बकाया है
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कोर्ट में लंबित चालान
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पुराने कई महीने/साल से पेंडिंग चालान
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निजी कार/बाइक मालिक
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टैक्सी/ऑटो/ट्रक/कमर्शियल वाहन मालिक
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फ्लीट कंपनियाँ
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डिलीवरी राइडर्स
सामान्यतः ज्यादातर चालान निपटा दिए जाते हैं, लेकिन कुछ गंभीर या नॉन-कम्पाउंडेबल चालान अलग प्रक्रिया से गुजरते हैं (राज्य पर निर्भर)।
लोक अदालत में चालान निपटाने के फायदे
1. चालान राशि में भारी छूट
अधिकांश राज्यों में 50% से लेकर 80–90% तक की छूट दी जाती है।
उदाहरण:
₹5000 का ओवरस्पीडिंग चालान ₹500–₹1500 में निपट सकता है।
2. लेट फीस और ब्याज की पूरी माफी
पुराने चालानों का भी बिना अतिरिक्त शुल्क के निपटान होता है।
3. कोर्ट नोटिस या लाइसेंस सस्पेंशन से बचाव
लंबे समय तक चालान नहीं भरने पर:
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ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित
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कोर्ट समन
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वाहन ब्लैकलिस्ट
लोक अदालत में निपटान से ये जोखिम खत्म हो जाते हैं।
4. एक ही दिन में केस निपटता है
न कोई वकील, न कोर्ट की तारीख बार-बार।
एक ही दिन में पूरा समाधान।
5. कमर्शियल ड्राइवरों के लिए सबसे बड़ा लाभ
ऑटो/टैक्सी/ट्रक/डिलीवरी राइडर्स के पास अक्सर कई चालान होते हैं, इसलिए उनकी बचत सबसे अधिक होती है।
अपने पेंडिंग ट्रैफिक चालानों की जांच कैसे करें?
लोक अदालत में जाने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपके वाहन पर कितने चालान लंबित हैं।
✔ 1. परिवहन मंत्रालय की ई-चालान वेबसाइट
echallan.parivahan.gov.in पर जाकर:
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वाहन नंबर डालें
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चेसिस/इंजन नंबर भरें
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सभी चालान देखें व डाउनलोड करें
✔ 2. राज्य पुलिस की वेबसाइट
जैसे:
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस
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यूपी ट्रैफिक पुलिस
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महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस
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कर्नाटक वन आदि
✔ 3. DigiLocker
कुछ ई-चालान सीधे डिजिटल दस्तावेज़ों में दिख जाते हैं।
✔ 4. SMS या WhatsApp अलर्ट
कुछ राज्यों में ऑटोमैटिक अलर्ट भेजे जाते हैं।
लोक अदालत में कौन-कौन से डॉक्यूमेंट साथ ले जाएँ?
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ड्राइविंग लाइसेंस (DL)
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गाड़ी का RC
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PUC प्रमाणपत्र (यदि उपलब्ध)
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वाहन बीमा (वैकल्पिक लेकिन फायदेमंद)
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आधार कार्ड या कोई सरकारी पहचान पत्र
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आपके ई-चालान की प्रिंट कॉपी
अगर आप किसी दूसरे व्यक्ति के वाहन का चालान भरने जा रहे हैं तो ऑथराइजेशन लेटर रखें।
लोक अदालत में चालान निपटान की पूरी प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप)
1. निर्धारित कोर्ट या ट्रैफिक लोक अदालत केंद्र पर पहुँचें
प्रत्येक जिले की सूची 1–2 दिन पहले जारी होती है।
2. रजिस्ट्रेशन काउंटर पर विवरण दें
आपके वाहन का नंबर और चालानों की जानकारी ली जाती है।
3. टोकन नंबर प्राप्त करें
भीड़ अधिक होने पर पहले आओ, पहले सेवाओ के आधार पर टोकन दिए जाते हैं।
4. लोक अदालत बेंच के सामने पेशी
यहाँ तीन लोग बैठते हैं:
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न्यायिक अधिकारी
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ट्रैफिक पुलिस प्रतिनिधि
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लीगल सर्विस अथॉरिटी सदस्य
वे आपसे चालान पर बात करेंगे और छूट का प्रस्ताव देंगे।
5. तय राशि का भुगतान
आप कैश/UPI/कार्ड से भुगतान कर सकते हैं (राज्य पर निर्भर)।
6. चालान पूरी तरह से बंद
भुगतान के बाद रसीद लेना न भूलें—यह आपको भविष्य में किसी भी विवाद से बचाएगी।
अलग-अलग चालानों पर संभावित छूट (लगभग अनुमान)
| चालान का प्रकार | मूल जुर्माना | लोक अदालत में अनुमानित निपटान |
|---|---|---|
| बिना हेलमेट | ₹1000 | ₹200–₹500 |
| ओवरस्पीडिंग | ₹2000–₹5000 | ₹500–₹1500 |
| गलत पार्किंग | ₹500–₹3000 | ₹100–₹500 |
| PUC नहीं | ₹10,000 | ₹1000–₹2000 |
| सीटबेल्ट न लगाना | ₹1000 | ₹200–₹500 |
| मोबाइल पर बात करते पकड़ा जाना | ₹5000 | ₹1500–₹2500 |
छूट हर राज्य में अलग हो सकती है।
किन राज्यों में सबसे ज़्यादा सेटलमेंट की उम्मीद होती है?
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दिल्ली
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उत्तर प्रदेश
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महाराष्ट्र
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कर्नाटक
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हरियाणा
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गुजरात
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राजस्थान
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पंजाब
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तेलंगाना
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तमिलनाडु
इन राज्यों में लोक अदालत के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान निपटाए जाते हैं।
लोक अदालत में जाने से पहले कुछ आवश्यक टिप्स
✔ जल्दी पहुँचें
भीड़ बहुत होती है, सुबह जल्दी पहुँचने से समय बचता है।
✔ चालानों की प्रिंट कॉपी साथ रखें
काउंटर पर आसानी होती है।
✔ UPI तैयार रखें
कई जगह कैश काउंटर पर भीड़ हो सकती है।
✔ विनम्र रहें
लोक अदालत समझौते का मंच है—नरम व्यवहार से बेहतर छूट मिल सकती है।
✔ तारीख बिल्कुल न छोड़ें
अगली लोक अदालत आने में महीनों लग सकते हैं।
ऑनलाइन निपटान का विकल्प
कुछ राज्य लोक अदालत के दौरान ऑनलाइन डिस्काउंट पेमेंट भी जारी कर देते हैं:
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दिल्ली
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मुंबई
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बेंगलुरु
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हैदराबाद
हालाँकि यह राज्य विशेष निर्णय होता है और हर जगह उपलब्ध नहीं होता। 1–2 दिन पहले संबंधित पुलिस वेबसाइट जरूर चेक करें।
लोक अदालत से जुड़े आम मिथक
❌ मिथ 1: केवल कोर्ट वाले चालान ही निपटते हैं।
✔ कई राज्यों में गैर-कोर्ट चालान भी निपटाए जाते हैं।
❌ मिथ 2: वकील ले जाना ज़रूरी है।
✔ बिल्कुल नहीं। आप खुद निपटा सकते हैं।
❌ मिथ 3: पुराने चालान नहीं हटते।
✔ कई साल पुराने चालान भी निपट जाते हैं।
❌ मिथ 4: निपटान न करूँ तो कुछ नहीं होगा।
✔ लाइसेंस सस्पेंशन, कोर्ट केस, वाहन ब्लैकलिस्ट जैसे जोखिम हैं।
ट्रैफिक चालान को अनदेखा करना खतरनाक क्यों है?
आजकल ई-चालान सिस्टम कैमरों, ANPR टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन ट्रैकिंग के कारण बहुत सख्त हो चुका है।
अनदेखा करने पर:
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लाइसेंस ब्लॉक
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RC ब्लैकलिस्ट
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बीमा क्लेम रिजेक्ट
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वाहन फिटनेस या परमिट नवीनीकरण रोक
इसलिए लोक अदालत का मौका सबसे सुरक्षित व किफायती समाधान है।
निष्कर्ष: 13–14 दिसंबर को लोक अदालत में अपना चालान ज़रूर निपटाएँ
लोक अदालत ट्रैफिक चालान निपटान (13–14 दिसंबर) आपके लिए भारी छूट, बिना लेट फीस और बिना कोर्ट चक्कर लगाए चालान खत्म करने का सुनहरा अवसर है।
यदि आपके पास पेंडिंग चालान हैं चाहे वे पुराने हों, महंगे हों या कोर्ट में हों यह मौका बिल्कुल न चूकें।
चालान निपटाएँ, गाड़ी के डॉक्यूमेंट साफ करें और नए साल की शुरुआत बेफिक्र होकर करें।

